Sun, 26 Jul 2026
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: मुंबई से बिहार तक श्रद्धा की अलौकिक यात्रा: गुरु मां अनमोल राम के दिव्य संकल्प से सजेगा माता महाकाली का दिव्य दरबार

Rajesh Kumar Ranjan / Sun, Dec 28, 2025 / Post views : 355

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मुंबई की मायानगरी में बीते तीन वर्षों से माता महाकाली की कृपा और करुणा का प्रकाश फैलाने वाली गुरु मां अनमोल राम अब भक्तों की विशेष मांग पर बिहार की धरती पर कदम रखने जा रही हैं। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, साधना और सेवा का संगम है—जहां आस्था को सहारा मिलता है और टूटे मन को नई उम्मीद। मीरा रोड स्थित कनकिया रोड पर 10 महाविद्या फाउंडेशन के अंतर्गत गुरु मां अनमोल राम ने निरंतर तीन वर्षों तक माता महाकाली का दिव्य दरबार सजाया। इस दरबार में साधना की शुद्ध ऊर्जा, हवन-अनुष्ठान की पवित्र अग्नि, अभिमंत्रित जल और भभूति के माध्यम से भक्तों को संबल मिला। गुरु मां की साधना-शक्ति और करुणा ने असंख्य जीवनों में उजाला किया—विशेषकर उन माताओं के लिए, जिनकी संतान की अभिलाषा वर्षों से अधूरी थी। दरबार में देश के कोने-कोने से आए भक्तों ने अपने मन की पीड़ा रखी और समाधान की राह पाई। गुरु मां के दरबार की विशेषता यह है कि यहां हर समस्या को श्रद्धा और विश्वास के साथ सुना जाता है—चाहे वह व्यवसाय में बाधा हो, प्रेत-बाधा हो, भूत-प्रेत का साया हो, गृहस्थ जीवन की अनबन, नज़र-गुज़र का भय, या मन की गहरी बेचैनी। माता की कृपा से अभिमंत्रित जल और भभूति के माध्यम से भक्तों को आत्मिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव होता है। यही कारण है कि यह दरबार केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उम्मीदों का घर बन चुका है। मुंबई में पली-बढ़ी गुरु मां अनमोल राम का बिहार से आत्मिक लगाव हमेशा गहरा रहा है। बचपन से ही शक्ति-साधना में रमी गुरु मां, मां दुर्गा और मां काली ,कुल देवी की आराधना में तल्लीन रहीं। साधना की पराकाष्ठा तब देखने को मिली, जब उन्होंने अपने गुरु अघोरी मंसाराम राज कपाली के मार्गदर्शन में अपने पति राहुल राज कपाली के साथ बनारस के मणिकर्णिका घाट पर 41 दिनों तक एक ही वस्त्र में अघोरी काली मां की कठोर तपस्या की। इस साधना के उपरांत उनमें अद्भुत शक्ति का संचार हुआ—और उसी शक्ति को उन्होंने मानव-सेवा का माध्यम बनाया। अब वही करुणा और शक्ति बिहार के भक्तों के लिए उपलब्ध होगी। शिव टावर, नियर राज क्लीनिक, बैतोरा, बेऊर (पटना) में माता महाकाली का दिव्य दरबार सजाया जाएगा, जहां गुरु मां भक्तों की समस्याओं को सुनकर माता की कृपा से समाधान का मार्ग प्रशस्त करेंगी। जब एक पत्रकार ने सहज जिज्ञासा में पूछा—“गुरु मां, यदि आप ही हर समस्या का समाधान कर देंगी तो डॉक्टरों का क्या?”—तो गुरु मां ने बड़ी सादगी से उत्तर दिया, “डॉक्टर का काम है उपचार और दवा देना। लेकिन जब कोई भक्त थक-हार जाता है, निराश हो जाता है, तब उसे दुआ की ज़रूरत होती है। वह दुआ हम माता की कृपा से देते हैं—और कई बार उसी दुआ से मन और तन दोनों को शांति मिलती है।” यह दरबार केवल चमत्कारों की कथा नहीं, बल्कि विश्वास, विनम्रता और सेवा की जीवंत मिसाल है। मुंबई से बिहार तक गुरु मां अनमोल राम की यह यात्रा श्रद्धा की वह धारा है, जिसमें डुबकी लगाते ही मन गदगद हो उठता है—और हृदय कह उठता है, “जय माता काली!”

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