आज दिनांक 24.07.2026 को श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, जिलाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR), सभी अंचलाधिकारी (CO), सभी राजस्व अधिकारी (RO) उपस्थित थे। बैठक के दौरान समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी राजस्व कार्यों की अद्यतन प्रगति का विस्तृत अवलोकन किया गया।
1. दाखिल-खारिज (Mutation)
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 11,335 दाखिल-खारिज वाद उपलब्ध हैं, जिनमें से अब तक 6,095 वादों का निष्पादन (53.77%) किया गया है, जबकि 5,240 वाद लंबित हैं। समीक्षा में यह भी पाया गया कि 3,816 वाद 35 दिनों से अधिक, 1,408 वाद 75 दिनों से अधिक तथा 16 वाद 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं।
जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि दाखिल-खारिज जैसी महत्वपूर्ण सेवा में इतने अधिक मामलों का लंबित रहना स्वीकार्य नहीं है। विशेष रूप से किशनपुर (40.76%), सुपौल (45.94%), त्रिवेणीगंज (50.09%), पिपरा (52.16%) एवं मरौना अंचलों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया। वहीं प्रतापगंज, निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही एवं राघोपुर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। समाहर्ता ने निर्देश दिया कि 35 दिनों से अधिक लंबित सभी मामलों का विशेष अभियान चलाकर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा अगले समीक्षा बैठक तक पुराने मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जाए।
2. Mutation Defect एवं Delay Report
समीक्षा में बताया गया कि कुल 61,788 आवेदनों में से 46,097 आवेदन स्वीकृत, 2,713 आवेदन रिवर्ट किए गए हैं तथा वर्तमान में 5,444 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। इनमें 4,143 आवेदन 10 दिनों से अधिक तथा 231 आवेदन 20 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। समीक्षा में यह भी पाया गया कि CO स्तर पर 2,577 तथा KC स्तर पर 1,448 आवेदन लंबित हैं।
समाहर्ता ने कहा कि समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद विभिन्न स्तरों पर आवेदन लंबित रखना गंभीर लापरवाही का परिचायक है। सुपौल, किशनपुर, त्रिवेणीगंज एवं बसंतपुर अंचलों में अधिक लंबित मामलों पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया गया कि सभी टाइमलाइन समाप्त मामलों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक अंचलाधिकारी स्वयं प्रतिदिन इसकी समीक्षा करें।
3. परिमार्जन प्लस एवं Left Out Jamabandi
समीक्षा में बताया गया कि परिमार्जन प्लस के अंतर्गत कुल 22,469 मामलों में से 14,813 मामलों का निष्पादन किया गया है, जबकि 7,656 मामले लंबित हैं। वहीं Left Out Jamabandi के अंतर्गत कुल 5,226 मामलों में से मात्र 2,588 मामलों का निष्पादन हुआ है तथा 2,638 मामले लंबित हैं।
समाहर्ता ने पाया कि सुपौल, त्रिवेणीगंज, किशनपुर, पिपरा एवं छातापुर अंचलों में लंबित मामलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया गया कि प्रत्येक अंचलाधिकारी स्वयं प्रतिदिन समीक्षा करें तथा सभी पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करें। अगले समीक्षा बैठक में इन अंचलों की विशेष समीक्षा की जाएगी।
4. E-Mapi
ई-mapi की समीक्षा में बताया गया कि कुल 20,700 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 20,057 आवेदन स्वीकार किए गए तथा 19,972 मामलों में शुल्क जमा किया जा चुका है। इसके विरुद्ध अब तक 11,238 मापी प्रतिवेदन स्वीकृत किए गए हैं तथा जिले की उपलब्धि 72.20% है।
समाहर्ता ने भुगतान के उपरांत भी बड़ी संख्या में मापी प्रतिवेदन लंबित रहने पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि सुपौल, किशनपुर, पिपरा एवं त्रिवेणीगंज अंचलों में विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का निष्पादन किया जाए। अमीनों एवं संबंधित कर्मियों के कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
5. बसेरा योजना
बसेरा योजना के अंतर्गत कुल 1,785 सर्वेक्षणों के विरुद्ध 685 लाभुकों को भूमि आवंटित की गई है, जबकि 520 मामलों में पर्चा अपलोड लंबित है।
समाहर्ता ने योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि जिन लाभुकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है उनका पर्चा तत्काल अपलोड कराया जाए तथा शेष पात्र लाभुकों को शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जाए। सभी अंचलाधिकारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
6. राजस्व महाअभियान
राजस्व महाअभियान की समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 1,95,578 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 775 आवेदन स्कैनिंग तथा 15,309 आवेदन अपलोड हेतु लंबित हैं। जिले की समग्र उपलब्धि मात्र 23.96% पाई गई।
समाहर्ता ने इस प्रगति को असंतोषजनक बताते हुए विशेष रूप से सुपौल, किशनपुर, पिपरा एवं बसंतपुर अंचलों के कार्य निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी अंचलाधिकारी प्रतिदिन स्वयं अनुश्रवण करें तथा अभियान मोड में कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।
7. राजस्व संग्रहण
राजस्व संग्रहण की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित ₹21.00 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक मात्र ₹1.47 करोड़ ( 7%) की वसूली की गई है।
समाहर्ता ने राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए विशेष रूप से किशनपुर, छातापुर, त्रिवेणीगंज, मरौना एवं प्रतापगंज अंचलों को वसूली अभियान में तेजी लाने तथा नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया।
8. लोक शिकायत एवं अन्य योजनाएँ
लोक शिकायत, RTMS, जनता दरबार, CPGRAMS, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड तथा अन्य राजस्व सेवाओं की समीक्षा के दौरान समाहर्ता ने निर्देश दिया कि किसी भी परिवाद को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए। सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक अंचलाधिकारी स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करें।
बैठक के अंत में समाहर्ता, सुपौल ने भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व विभाग की सभी की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी समीक्षा बैठक में सभी पुनः विस्तृत समीक्षा की जाएगी। जिन अंचलों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा अथवा पुराने मामलों के निष्पादन में अपेक्षित सुधार नहीं होगा, उनके संबंध में उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई पर विचार किया जाएगा l
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