Rajesh Kumar Ranjan / Wed, Jul 15, 2026 / Post views : 97
आज दिनांक 15.07.2026 को श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, जिलाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता में आंतरिक संसाधन से संबंधित विभागों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तरीय विभिन्न राजस्व अर्जक विभागों द्वारा माह जून, 2026 तक की राजस्व वसूली की विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में जिला राजस्व शाखा के प्रभारी पदाधिकारी, वाणिज्यकर, निबंधन, उत्पाद, विद्युत, खनन, वन, मत्स्य, माप-तौल विभाग तथा नगर परिषद/नगर पंचायतों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के प्रारंभ में जिला राजस्व शाखा द्वारा विभागवार उपलब्धि प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन के अनुसार जिले का वार्षिक राजस्व लक्ष्य ₹72,301.84 लाख निर्धारित है, जिसके विरुद्ध माह जून, 2026 तक कुल ₹14,603.35 लाख की वसूली की गई है। यह प्रतिवेदित माह तक के लक्ष्य ₹17,983.95 लाख का 81.20% तथा वार्षिक लक्ष्य का 20.20% है। कोषागार/बैंक में कुल ₹10,578.21 लाख की राशि जमा की गई है।
इसके उपरांत जिलाधिकारी महोदय द्वारा विभागवार समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि वाणिज्यकर विभाग द्वारा माह जून में ₹1,068.93 लाख तथा संचयी रूप से ₹4,123.76 लाख की वसूली की गई है। निबंधन विभाग द्वारा संचयी वसूली ₹2,892.85 लाख, उत्पाद विभाग द्वारा ₹1,533.26 लाख, विद्युत विभाग द्वारा ₹3,331.44 लाख तथा खनन विभाग द्वारा ₹505.27 लाख की वसूली की गई है। नगर परिषद एवं नगर पंचायतों द्वारा भी राजस्व वसूली की समीक्षा की गई तथा लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने पाया कि कुछ विभागों की उपलब्धि संतोषजनक है, जबकि कुछ विभागों में लक्ष्य की तुलना में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। विशेष रूप से खनन, कुछ नगर निकायों एवं अन्य कम प्रगति वाले विभागों को वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निम्नलिखित निर्देश दिए गए—
1. सभी विभाग प्रतिदिन राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
2. लंबित बकाया वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
3. जिन मामलों में प्रमाणपत्र वाद/अन्य विधिक कार्रवाई अपेक्षित है, उनमें शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
4. सभी विभाग बैंक एवं कोषागार में राशि जमा करने के उपरांत मिलान कर जिला राजस्व शाखा को प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।
5. नगर परिषद एवं नगर पंचायत अपने होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, जलकर एवं अन्य स्थानीय करों की वसूली में विशेष अभियान चलाएं।
6. खनन विभाग अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए जुर्माना एवं राजस्व वसूली में वृद्धि सुनिश्चित करे।
7. विद्युत विभाग बकायेदार उपभोक्ताओं से वसूली में तेजी लाए तथा आवश्यकतानुसार विच्छेदन की कार्रवाई करे।
8. निबंधन विभाग लंबित दस्तावेजों का त्वरित निष्पादन कर राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करे।
9. वाणिज्यकर विभाग बड़े करदाताओं एवं बकायेदारों की नियमित समीक्षा करते हुए अधिकतम वसूली सुनिश्चित करे।
10. प्रत्येक विभाग प्रगति प्रतिवेदन जिला राजस्व शाखा को उपलब्ध कराए ताकि जिलास्तर पर नियमित समीक्षा की जा सके।
11. आगामी समीक्षा बैठक तक सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्य के अनुरूप उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करेंगे। जिन विभागों की उपलब्धि कम रहेगी, उनसे कारण-पृच्छा की जाएगी।
अंत में जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि आंतरिक संसाधन जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। अतः सभी विभाग समन्वय स्थापित कर गंभीरतापूर्वक कार्य करें तथा राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से अपने विभाग की प्रगति की निगरानी करेंगे।
बैठक में उपस्थित सभी विभागीय पदाधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
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