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सुपौल : विकास के दावों के बीच मजबूरियाँ बोल रही हैं...

Rajesh Kumar Ranjan / Sat, Feb 14, 2026 / Post views : 282

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बिहार में जहां चारों ओर विकास की बातें हो रही हैं, सड़कें बिछ चुकी हैं और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट गिनाए जा रहे हैं, वहीं सुपौल जिला आज भी जुगाड पुल के सहारे जीने को मजबूर है। यह तस्वीर है सुपौल जिले के पिपरा विधानसभा अंतर्गत बसहा वार्ड नंबर 01 ,(साहेब टोला)की, जहां लोग हर दिन जान जोखिम में डालकर आवागमन करते

हैं।

! दुखद सच यह है कि पिछले कई वर्षों से हादसे में महिलाओं ओर कई बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक वहां स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।

त्योहार हो या रोज़मर्रा की ज़िंदगी- यहां के लोग मजबूरी में खतरे का रास्ता चुनने को विवश हैं।

+ सवाल साफ है:

क्या यही विकास है?

क्या हादसों के बाद भी सिस्टम नहीं जागेगा?

यह सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाने वाला सवाल है।

अब समय आ गया है कि स्थानीय विधायक और सांसद इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लें और पुल निर्माण की प्रक्रिया को अविलंब तेज करें, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने अपनों को न खोना पड़े।

यह आवाज दबनी नहीं चाहिए। यह मांग है, अधिकार है।

उम्मीद है जनप्रतिनिधि जल्द पहल करेंगे।

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