Rajesh Kumar Ranjan / Sun, Apr 12, 2026 / Post views : 28
अब खाद के लिए नहीं भटकेंगे किसान, मोबाइल अनुप्रयोग पर मिलेगी उर्वरक की ताज़ा उपलब्धता। दुकानदारों की मनमानी पर लगेगी लगाम, बोले Ram Kripal Yadav
सुपौल दस्तक न्यूज , पटना (बिहार)
पटना – बिहार सरकार ने किसानों की बड़ी समस्या को समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राज्य के कृषि मंत्री Ram Kripal Yadav ने कृषि भवन, मीठापुर में “बिहार कृषि मोबाइल अनुप्रयोग” पर उर्वरक की ताज़ा उपलब्धता की जानकारी देखने की नई सुविधा का शुभारंभ किया। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद अब किसानों को खाद के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और दुकानदारों द्वारा गलत जानकारी देकर लौटाने की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसानों को उर्वरक उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से संचालित बिहार कृषि मोबाइल अनुप्रयोग में यह नई सुविधा जोड़ी गई है। अब किसान अपने मोबाइल के माध्यम से आसपास के उर्वरक दुकानों में उपलब्ध यूरिया, डीएपी सहित अन्य खादों की वास्तविक स्थिति तुरंत देख सकेंगे।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कई दुकानों में उर्वरक उपलब्ध रहने के बावजूद किसानों को “भंडार समाप्त है” कहकर लौटा दिया जाता था। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों में मौजूद उर्वरक का पूरा विवरण सार्वजनिक रहेगा और कोई भी दुकानदार किसानों को गुमराह नहीं कर पाएगा।
कृषि मंत्री के अनुसार इस प्रणाली से कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली पर प्रभावी रोक लगेगी तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के करीब 9 लाख 35 हजार किसान बिहार कृषि अनुप्रयोग का उपयोग कर रहे हैं। इसके माध्यम से किसान कृषि विभाग की योजनाओं, मौसम संबंधी जानकारी, फसल सुरक्षा तथा फसलों के बाजार भाव जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं।
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार इस प्रकार की सुविधा भारत के किसी अन्य राज्य में अभी तक उपलब्ध नहीं है, और इस पहल के साथ बिहार इस व्यवस्था को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है।
सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और बिना किसी परेशानी के उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती मजबूत हो और किसान समृद्ध बन सकें।
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