Rajesh Kumar Ranjan / Tue, Jul 7, 2026 / Post views : 56
पंजाब में मजदूरी कर परिवार का सहारा बने शंभू मेहता की सड़क हादसे में मौत, पीछे छूटा बड़ा परिवार
— राजेश कुमार रंजन, संपादक, सुपौल दस्तक अखबार।
सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत महेशपुर पंचायत निवासी शंभू मेहता की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। शंभू मेहता पिछले लगभग 30 वर्षों से पंजाब में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए वे नियमित रूप से पंजाब जाकर काम करते थे।
परिजनों के अनुसार, पंजाब से घर लौटने के दौरान बाइक से यात्रा करते समय उनका सड़क हादसा हो गया, जिसमें उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
शंभू मेहता अपने पीछे पत्नी, चार बेटियां, दो बेटे तथा वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए हैं। उनके सभी बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार के मुखिया के असमय निधन से अब पूरे परिवार के भविष्य और आजीविका को लेकर चिंता गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शंभू मेहता ही परिवार की आय का एकमात्र प्रमुख स्रोत थे।
इस घटना के बाद एक बार फिर बिहार से बड़े पैमाने पर होने वाले है पलायन और राज्य में रोजगार के अवसरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राज्य में पर्याप्त रोजगार उपलब्ध होता, तो शायद शंभू मेहता जैसे हजारों मजदूरों को अपने परिवार से दूर दूसरे राज्यों में काम करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा तथा आश्रितों के लिए रोजगार एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन