Rajesh Kumar Ranjan / Wed, Jul 1, 2026 / Post views : 54
सुपौल: जिले के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत दुबियाही पंचायत के ग्राम बेला गोठ में कोसी नदी का कटाव लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। नदी के तेज कटाव के कारण कई परिवारों के घर नदी में समाहित होने के कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि करीब दो दर्जन परिवारों के घर पहले ही कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं।
कटाव की रफ्तार लगातार बढ़ने से पूरे गांव में दहशत और भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण दिन-रात अपने घरों और सामान को बचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं, लेकिन कोसी की उफनती धाराओं के सामने उनकी मेहनत और उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गांव का प्राथमिक विद्यालय भी कटाव की चपेट में आकर नदी में समा गया है। अब गांव के छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि आखिर उनके बच्चे अब कहां पढ़ाई करेंगे।
कटाव के कारण बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित हो चुके हैं और उनका जीवन-यापन बेहद कठिन हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस सहायता या राहत उपलब्ध नहीं कराई गई है।
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन एवं राज्य सरकार से तत्काल कटाव-रोधी कार्य शुरू कराने, प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है, "सरकार हमारी मदद करे, नहीं तो हमारा घर-बार और भविष्य सब कुछ कोसी नदी में समा जाएगा।"
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में और भी कई परिवार बेघर हो सकते हैं तथा गांव का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है
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