Mon, 27 Jul 2026
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: सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत आरएसएम पब्लिक स्कूल में छात्र–छात्राओं को दिया गया प्राथमिक सहायता एवं सीपीआर का व्यवहारिक प्रशिक्षण

Rajesh Kumar Ranjan / Thu, Jan 29, 2026 / Post views : 509

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सुपौल/बिहार से राजेश कुमार रंजन की रिपोर्ट बिहार सरकार के परिवहन विभाग एवं बिहार राज्य सड़क सुरक्षा परिषद, पटना के निर्देशानुसार संचालित सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत सुपौल जिला प्रशासन द्वारा बच्चों एवं किशोर वर्ग में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता विकसित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।इसी क्रम में जिलाधिकारी, सुपौल के निर्देशानुसार दिनांक 29 जनवरी 2026 को आरएसएम पब्लिक स्कूल, सुपौल में छात्र–छात्राओं के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम सह प्री-हॉस्पिटल केयर एवं सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना, आपात स्थितियों में त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना रहा। जिला स्वास्थ्य समिति के चिकित्सकों द्वारा दिया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला स्वास्थ्य समिति, सुपौल के चिकित्सकों द्वारा छात्र–छात्राओं को सड़क दुर्घटना अथवा किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में अस्पताल पहुंचने से पूर्व किए जाने वाले आवश्यक प्राथमिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि किसी घायल व्यक्ति को— सुरक्षित स्थान पर कैसे लाया जाए अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में क्या प्राथमिक उपाय किए जाएं। घायल को अनावश्यक रूप से हिलाने से क्यों बचना चाहिए। आपातकालीन सेवा (108/112) को तत्काल कैसे सूचित किया जाए। एम्बुलेंस के आने तक जीवन रक्षक सहायता किस प्रकार दी जाए। इन सभी विषयों पर सरल एवं व्यवहारिक तरीके से जानकारी प्रदान की गई। सीपीआर का व्यवहारिक अभ्यास कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) की प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा चिकित्सकों के मार्गदर्शन में छात्र–छात्राओं को इसका व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया। इससे बच्चों में आत्मविश्वास के साथ-साथ आपात स्थिति में जीवन बचाने की समझ विकसित हुई। सड़क सुरक्षा नियमों की दी गई व्यवहारिक जानकारी इसके साथ ही छात्र–छात्राओं को सड़क सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी गई, जिसमें प्रमुख रूप से— सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग ट्रैफिक सिग्नल एवं संकेतकों का पालन हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणाम नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बच्चे बनेंगे सड़क सुरक्षा के संदेशवाहक जिला प्रशासन का मानना है कि बच्चे समाज के सबसे प्रभावशाली संदेशवाहक होते हैं। जब बच्चे जागरूक होते हैं तो वे अपने माता–पिता, अभिभावकों एवं आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करते हैं। इसी दृष्टिकोण से विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति इस अवसर पर जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी तथा उन्हें नियमों का पालन करने हेतु प्रेरित किया। जिला प्रशासन का संदेश जिला प्रशासन, सुपौल द्वारा यह संदेश दिया गया कि— “आज का जागरूक बच्चा ही कल का सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनेगा।” सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है। अंत में सभी छात्र–छात्राओं से यह अपील की गई कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश फैलाएं। “सड़क सुरक्षा — जीवन सुरक्षा” के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Transport Department, Government of Bihar

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