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गया : पर्यटन और पुरातत्व विभाग के बीच फंसा कोंचेश्वर महादेव मंदिर का विकास, स्थानीय लोगों में बढ़ी निराशा

Rajesh Kumar Ranjan / Mon, Jul 20, 2026 / Post views : 219

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कोंच (गया)। प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर उत्तर स्थित ऐतिहासिक कोंच डीह का कोंचेश्वर महादेव मंदिर आज भी विकास की बाट जोह रहा है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस प्राचीन मंदिर के संरक्षण और विकास को लेकर समय-समय पर कई घोषणाएं हुईं, लेकिन धरातल पर अपेक्षित कार्य नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर का विकास पर्यटन विभाग और पुरातत्व विभाग के बीच समन्वय के अभाव में अटका हुआ है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कोंचेश्वर महादेव मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की भी अपार संभावनाएं रखता है। मंदिर परिसर और उसके आसपास प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से कई महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं, फिर भी अब तक इनके समुचित विकास की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार, मंदिर के विकास को लेकर कई मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा घोषणाएं की जा चुकी हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा भी कई बार संबंधित अधिकारियों को विकास योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पिछले वर्ष बिहार सरकार के तत्कालीन पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा तथा तत्कालीन विधायक डॉ. अनिल कुमार ने मंदिर परिसर का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान पर्यटन मंत्री ने मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता की सराहना करते हुए इसके विकास की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन होने के कारण पर्यटन विभाग सीधे मंदिर परिसर में निर्माण कार्य नहीं कर सकता, लेकिन 100 मीटर की परिधि के बाहर सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए विभाग आवश्यक कदम उठाएगा। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के संबंधित विभागों से भी इस विषय पर चर्चा करने का आश्वासन दिया था।

हालांकि, उनकी एक घोषणा जरूर धरातल पर उतरी। पर्यटन विभाग की पहल पर वर्ष 2025 से सावन माह में कोंचेश्वर महोत्सव का आयोजन शुरू किया गया, जिससे क्षेत्र की पहचान को नई दिशा मिली। लेकिन महोत्सव के बाद मंदिर और उसके आसपास के विकास कार्यों को लेकर कोई विशेष प्रगति नहीं दिखी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के आसपास सहस्त्रलिंगी महादेव मंदिर, प्राचीन तालाब तथा भगवान विष्णु का दुर्लभ मंदिर स्थित है, जो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा क्षेत्र में खुदाई के दौरान अक्सर प्राचीन मूर्तियां और पुरातात्विक अवशेष मिलने की बातें सामने आती रही हैं, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक समृद्धि को दर्शाती हैं।

सावन माह की शुरुआत के साथ एक बार फिर लोगों की उम्मीदें जागी हैं। स्थानीय श्रद्धालुओं और नागरिकों का मानना है कि यदि सरकार और संबंधित विभाग गंभीर पहल करें तो कोंचेश्वर महादेव मंदिर को एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और इसकी ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थान मिल सकेगा।

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