Fri, 10 Jul 2026
Breaking News
सुपौल : सुपौल-दरभंगा नए राष्ट्रीय राजमार्ग के डीपीआर को केंद्र की मंजूरी | बिहार : फिल्मी दुनिया में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान | सुपौल : पंजाब में मजदूरी कर परिवार का सहारा बने शंभू मेहता की सड़क हादसे में मौत, पीछे छूटा बड़ा परिवार | सुपौल : कोसी का कहर: सुपौल के बेला गोठ में कटाव से उजड़ रहे आशियाने, स्कूल भी नदी में समाया | सुपौल : BPSC की तैयारी कर रहे छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत | उत्तर प्रदेश : सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग दिखा रहा बाबाधाम ट्रस्ट का वास्तु जागरूकता अभियान | सुपौल : यथासंभव वेलफेयर फाउंडेशन ने संतो बाबा को किया सम्मानित | बिहार : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कृषि स्टार्टअप, एग्रीटेक और किसानों की आय वृद्धि पर दिया जोर | सुपौल : सुपौल में पारा स्पोर्ट्स को मिली नई दिशा, जिला कार्यालय व प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन | गोरखपुर : मानवीय संवेदना की मिसाल: पंचायत डिप्टी निर्देशक हिमांशु शेखर ठाकुर पहुंचे सत्य प्रकाश पांडे के घर | सुपौल : सुपौल-दरभंगा नए राष्ट्रीय राजमार्ग के डीपीआर को केंद्र की मंजूरी | बिहार : फिल्मी दुनिया में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान | सुपौल : पंजाब में मजदूरी कर परिवार का सहारा बने शंभू मेहता की सड़क हादसे में मौत, पीछे छूटा बड़ा परिवार | सुपौल : कोसी का कहर: सुपौल के बेला गोठ में कटाव से उजड़ रहे आशियाने, स्कूल भी नदी में समाया | सुपौल : BPSC की तैयारी कर रहे छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत | उत्तर प्रदेश : सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग दिखा रहा बाबाधाम ट्रस्ट का वास्तु जागरूकता अभियान | सुपौल : यथासंभव वेलफेयर फाउंडेशन ने संतो बाबा को किया सम्मानित | बिहार : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कृषि स्टार्टअप, एग्रीटेक और किसानों की आय वृद्धि पर दिया जोर | सुपौल : सुपौल में पारा स्पोर्ट्स को मिली नई दिशा, जिला कार्यालय व प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन | गोरखपुर : मानवीय संवेदना की मिसाल: पंचायत डिप्टी निर्देशक हिमांशु शेखर ठाकुर पहुंचे सत्य प्रकाश पांडे के घर | सुपौल : सुपौल-दरभंगा नए राष्ट्रीय राजमार्ग के डीपीआर को केंद्र की मंजूरी | बिहार : फिल्मी दुनिया में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला सम्मान | सुपौल : पंजाब में मजदूरी कर परिवार का सहारा बने शंभू मेहता की सड़क हादसे में मौत, पीछे छूटा बड़ा परिवार | सुपौल : कोसी का कहर: सुपौल के बेला गोठ में कटाव से उजड़ रहे आशियाने, स्कूल भी नदी में समाया | सुपौल : BPSC की तैयारी कर रहे छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत | उत्तर प्रदेश : सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग दिखा रहा बाबाधाम ट्रस्ट का वास्तु जागरूकता अभियान | सुपौल : यथासंभव वेलफेयर फाउंडेशन ने संतो बाबा को किया सम्मानित | बिहार : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में कृषि स्टार्टअप, एग्रीटेक और किसानों की आय वृद्धि पर दिया जोर | सुपौल : सुपौल में पारा स्पोर्ट्स को मिली नई दिशा, जिला कार्यालय व प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन | गोरखपुर : मानवीय संवेदना की मिसाल: पंचायत डिप्टी निर्देशक हिमांशु शेखर ठाकुर पहुंचे सत्य प्रकाश पांडे के घर |

: स्कूल में भवन नहीं रहने के कारण,बच्चे धूप और बारिश में पढ़ने को विवश।

Rajesh Kumar Ranjan / Wed, Jul 30, 2025 / Post views : 310

Share:
सरकार द्वारा नौनिहालों को सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के लिए तमाम तरह की कवायद की जा रही है। स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाएं बहाल की जा रही है। लेकिन जिले में कुछ ऐसे भी विद्यालय है जहां भवन के अभाव में नौनिहाल धूप और बारिश में पढ़ने को विवश हैं। ऐसे में सरकार के द्वारा नौनिहालों को गुणात्मक शिक्षा देने के दावे महज कोरी घोषणाएं साबित हो रही है। यह तश्वीर त्रिवेणीगंज प्रखंड के पहलवना स्थित एल बी प्राथमिक विद्यालय पहलवना की है। वर्ष 2006 में स्थापित इस विद्यालय को आज तक भवन नसीब नहीं हो सका है। कहते हैं इस विद्यालय में कुल 118 बच्चे नामांकित है और विद्यालय में चार शिक्षक शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं। भवन नहीं होने के कारण वैकल्पिक तौर पर टिन के सेड में विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। जो जीर्ण शीर्ण और जर्जर अवस्था मे है। भवन विहीन विद्यालय होने के कारण विद्यालय में नौनिहाल बच्चे धूप और बारिश के बीच पढ़ने को विवश हैं। मौके पर मौजूद HM महेंद्र गुप्ता ने बताया कि विद्यालय में वर्ष 2013 में किचेन सेड बनबाया गया था। लेकिन भवन नहीं बनाया जा सका है। कहा कि किसी तरह जुगाड़ के सहारे स्कूल में टिन का सेड बनाकर स्कूल का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में भवन निर्माण के लिए विभाग द्वारा ले आउट करवाया गया लेकिन अतिक्रमण संबंधी समस्या के कारण फिर कार्य को बंद कर दिया गया है। जाहिर सी बात है जब स्कूल में भवन ही नहीं है तो ऐसे में बच्चों का पठन पाठन प्रभावित होना लाजिमी है। फिलहाल टिन का सेड जो जीर्ण शीर्ण अवस्था मे है। उसके नीचे बच्चे धूप और बारिश के बीच पढ़ने को विवश है। हालांकि इस बाबत ऑफ कैमरा त्रिवेणीगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नागेंद्र चौधरी ने बताया कि भवन का आबंटन आ गया है, भवन निर्माण शुरू करवाने के लिए पहल की गई लेकिन अतिक्रमण खाली नहीं होने के कारण भवन निर्माण का कार्य अधर में लटक गया है। जल्द ही अतिक्रमित जमीन को मापी कर खाली करावाया जाएगा। जिसके बाद भवन का निर्माण शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें