Tue, 28 Jul 2026
Breaking News
सुपौल : सेवा संकल्प समर्पण के 100 दिन पूरे: उत्कृष्ट कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डीएम सावन कुमार ने किया सम्मानित | सुपौल : सुपौल में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक, डीएम ने लंबित मामलों पर जताई नाराजगी | औरैया : पत्नी की मौत का सदमा नहीं सह पाया पति, अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच तोड़ा दम; एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां | सुपौल : जिला अधिकारी ने चल रहे सहयोग शिविर का किया निरीक्षण,लाभुकों को ऑन द स्पॉट उपलब्ध कराई गई विभिन्न सरकारी सेवाएं | अररिया : बिजली का करंट लगने से बिजली मिस्त्री की मौत, परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप | गया : पर्यटन और पुरातत्व विभाग के बीच फंसा कोंचेश्वर महादेव मंदिर का विकास, स्थानीय लोगों में बढ़ी निराशा | गया : बोरवेल में फंसे मासूम पियूष के लिए मां की भावुक पुकार, आखिरकार सफल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन | दरभंगा : बाल काटने वाले रहस्यमयी शख्स का आतंक, 8 दिन में दूसरी घटना से पुलिस सतर्क | सुपौल : सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, निरीक्षण करने पहुंचे DM, क्या है अपडेट? | सुपौल : 76 वर्ष की उम्र में भी सेवा का जज़्बा बरकरार, हजारों मरीजों के विश्वास का नाम हैं डॉ. योगेंद्र प्रसाद जायसवाल | सुपौल : सेवा संकल्प समर्पण के 100 दिन पूरे: उत्कृष्ट कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डीएम सावन कुमार ने किया सम्मानित | सुपौल : सुपौल में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक, डीएम ने लंबित मामलों पर जताई नाराजगी | औरैया : पत्नी की मौत का सदमा नहीं सह पाया पति, अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच तोड़ा दम; एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां | सुपौल : जिला अधिकारी ने चल रहे सहयोग शिविर का किया निरीक्षण,लाभुकों को ऑन द स्पॉट उपलब्ध कराई गई विभिन्न सरकारी सेवाएं | अररिया : बिजली का करंट लगने से बिजली मिस्त्री की मौत, परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप | गया : पर्यटन और पुरातत्व विभाग के बीच फंसा कोंचेश्वर महादेव मंदिर का विकास, स्थानीय लोगों में बढ़ी निराशा | गया : बोरवेल में फंसे मासूम पियूष के लिए मां की भावुक पुकार, आखिरकार सफल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन | दरभंगा : बाल काटने वाले रहस्यमयी शख्स का आतंक, 8 दिन में दूसरी घटना से पुलिस सतर्क | सुपौल : सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, निरीक्षण करने पहुंचे DM, क्या है अपडेट? | सुपौल : 76 वर्ष की उम्र में भी सेवा का जज़्बा बरकरार, हजारों मरीजों के विश्वास का नाम हैं डॉ. योगेंद्र प्रसाद जायसवाल | सुपौल : सेवा संकल्प समर्पण के 100 दिन पूरे: उत्कृष्ट कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डीएम सावन कुमार ने किया सम्मानित | सुपौल : सुपौल में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक, डीएम ने लंबित मामलों पर जताई नाराजगी | औरैया : पत्नी की मौत का सदमा नहीं सह पाया पति, अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच तोड़ा दम; एक साथ उठीं दोनों की अर्थियां | सुपौल : जिला अधिकारी ने चल रहे सहयोग शिविर का किया निरीक्षण,लाभुकों को ऑन द स्पॉट उपलब्ध कराई गई विभिन्न सरकारी सेवाएं | अररिया : बिजली का करंट लगने से बिजली मिस्त्री की मौत, परिजनों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप | गया : पर्यटन और पुरातत्व विभाग के बीच फंसा कोंचेश्वर महादेव मंदिर का विकास, स्थानीय लोगों में बढ़ी निराशा | गया : बोरवेल में फंसे मासूम पियूष के लिए मां की भावुक पुकार, आखिरकार सफल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन | दरभंगा : बाल काटने वाले रहस्यमयी शख्स का आतंक, 8 दिन में दूसरी घटना से पुलिस सतर्क | सुपौल : सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा, निरीक्षण करने पहुंचे DM, क्या है अपडेट? | सुपौल : 76 वर्ष की उम्र में भी सेवा का जज़्बा बरकरार, हजारों मरीजों के विश्वास का नाम हैं डॉ. योगेंद्र प्रसाद जायसवाल |

: स्कूल में भवन नहीं रहने के कारण,बच्चे धूप और बारिश में पढ़ने को विवश।

Rajesh Kumar Ranjan / Wed, Jul 30, 2025 / Post views : 337

Share:
सरकार द्वारा नौनिहालों को सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के लिए तमाम तरह की कवायद की जा रही है। स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाएं बहाल की जा रही है। लेकिन जिले में कुछ ऐसे भी विद्यालय है जहां भवन के अभाव में नौनिहाल धूप और बारिश में पढ़ने को विवश हैं। ऐसे में सरकार के द्वारा नौनिहालों को गुणात्मक शिक्षा देने के दावे महज कोरी घोषणाएं साबित हो रही है। यह तश्वीर त्रिवेणीगंज प्रखंड के पहलवना स्थित एल बी प्राथमिक विद्यालय पहलवना की है। वर्ष 2006 में स्थापित इस विद्यालय को आज तक भवन नसीब नहीं हो सका है। कहते हैं इस विद्यालय में कुल 118 बच्चे नामांकित है और विद्यालय में चार शिक्षक शिक्षिकाएं पदस्थापित हैं। भवन नहीं होने के कारण वैकल्पिक तौर पर टिन के सेड में विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। जो जीर्ण शीर्ण और जर्जर अवस्था मे है। भवन विहीन विद्यालय होने के कारण विद्यालय में नौनिहाल बच्चे धूप और बारिश के बीच पढ़ने को विवश हैं। मौके पर मौजूद HM महेंद्र गुप्ता ने बताया कि विद्यालय में वर्ष 2013 में किचेन सेड बनबाया गया था। लेकिन भवन नहीं बनाया जा सका है। कहा कि किसी तरह जुगाड़ के सहारे स्कूल में टिन का सेड बनाकर स्कूल का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में भवन निर्माण के लिए विभाग द्वारा ले आउट करवाया गया लेकिन अतिक्रमण संबंधी समस्या के कारण फिर कार्य को बंद कर दिया गया है। जाहिर सी बात है जब स्कूल में भवन ही नहीं है तो ऐसे में बच्चों का पठन पाठन प्रभावित होना लाजिमी है। फिलहाल टिन का सेड जो जीर्ण शीर्ण अवस्था मे है। उसके नीचे बच्चे धूप और बारिश के बीच पढ़ने को विवश है। हालांकि इस बाबत ऑफ कैमरा त्रिवेणीगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नागेंद्र चौधरी ने बताया कि भवन का आबंटन आ गया है, भवन निर्माण शुरू करवाने के लिए पहल की गई लेकिन अतिक्रमण खाली नहीं होने के कारण भवन निर्माण का कार्य अधर में लटक गया है। जल्द ही अतिक्रमित जमीन को मापी कर खाली करावाया जाएगा। जिसके बाद भवन का निर्माण शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें