January 15, 2026 |
Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

भरगामा प्रखंड कार्यालय का डीएम ने किया निरीक्षण, योजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सख्त निर्देशभीषण अग्निकांड में 41 घर स्वाहा, यथासंभव वेलफेयर फाउंडेशन ने बढ़ाया मदद का हाथमुंबई से बिहार तक श्रद्धा की अलौकिक यात्रा: गुरु मां अनमोल राम के दिव्य संकल्प से सजेगा माता महाकाली का दिव्य दरबारसुपौल अनोखी शादी, दो युवतियों ने आपस में शादी कर विडिओ किया वायरल, इलाके में हो रही चर्चाइंजीनियर बनने का सपना,पर बने बच्चों के मसीहा डॉक्टर आर.एन. रमनशिक्षा के क्षेत्र में नई अलख : यथासंभव वेलफेयर फाउंडेशन ने की शिक्षा क्रांति की शुरुआतकल डूबते और आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद सम्पन्न हुआ छठ पर्वप्रशांत किशोर ने बताया जन सुराज किसका वोट काटेगाकोसी के जल स्तर में उतार चढ़ाव से कटाव तेज, तटबंध के अंदर बढ़ी लोगों की परेशानीकिशनगंज पहुंचे प्रशांत किशोर,जमकर साधा निशाना

इंजीनियर बनने का सपना,पर बने बच्चों के मसीहा डॉक्टर आर.एन. रमन

अपनी भाषा में ख़बरें पढ़े

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

Listen to this article

सुपौल से एक प्रेरक यात्रा

आज हम आपको एक ऐसी प्रेरणादायक शख्सियत से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिनका सपना इंजीनियर बनने का था, लेकिन किस्मत और संकल्प उन्हें डॉक्टर बनाकर समाज सेवा के शिखर तक ले गया। जी हां, हम बात कर रहे हैं बिहार के सुपौल जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत सिमराही बाजार हॉस्पिटल रोड पर स्थित चिल्ड्रन हेल्थ केयर के संचालक, प्रख्यात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.एन. रमन की, जो पिछले 15 वर्षों से लगातार बच्चों की सेवा में समर्पित हैं।

डॉ. आर.एन. रमन बचपन से इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन मित्रों की संगत और समय की दिशा ने उनके जीवन की राह बदल दी। उन्होंने डॉक्टरी को अपना लक्ष्य बनाया और आज वे हजारों बच्चों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहे हैं।

किसान परिवार से डॉक्टर बनने तक का सफर

डॉ. आर.एन. रमन के पिता स्वर्गीय गुमन मेहता पेशे से किसान थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। चार बहन और दो भाई वाले इस परिवार में डॉ. रमन ने मेहनत और लगन से अपनी अलग पहचान बनाई।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा दाहोपट्टी प्राइमरी स्कूल, माध्यमिक शिक्षा पिपरा खुर्द पंचायत, और मैट्रिक की पढ़ाई विलियम्स हाई स्कूल, सुपौल से हुई, जहां वे हर वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करते रहे। इसके बाद उन्होंने आईएससी की तैयारी कर PMCH, धनबाद से MBBS तथा RIMS, रांची से DCH की पढ़ाई पूरी की। उस दौर में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। जब उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री हासिल की, तो पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया।

चिल्ड्रन हेल्थ केयर : सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल

डॉ. आर.एन. रमन ने सिमराही बाजार में चिल्ड्रन हेल्थ केयर की स्थापना की, जो आज बच्चों के इलाज का भरोसेमंद केंद्र बन चुका है। इस सफर में उन्हें अपनी पत्नी मीनू वर्मा का भरपूर सहयोग मिला। पत्नी ने कदम से कदम मिलाकर अस्पताल के संचालन में साथ दिया, जिसका परिणाम यह हुआ कि आज सुपौल ही नहीं, आसपास के जिलों और पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं।

चिल्ड्रन हेल्थ केयर में 24 घंटे आपातकालीन सेवा, बच्चों से जुड़ी लगभग सभी बीमारियों का इलाज, और सभी जरूरी जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।

किफायती इलाज, बड़ी पहचान

आज के समय में जहां चाइल्ड स्पेशलिस्ट की फीस ₹500 से ₹1000 तक होती है, वहीं चिल्ड्रन हेल्थ केयर में मात्र ₹300 फीस में गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाता है। यही कारण है कि यह अस्पताल न केवल सुपौल बल्कि पूरे कोसी अंचल में एक अलग पहचान बना चुका है।

डॉ. आर.एन. रमन की यह यात्रा साबित करती है कि सपने बदल सकते हैं, लेकिन अगर उद्देश्य सेवा हो तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है। आज वे हजारों बच्चों के लिए सिर्फ डॉक्टर नहीं, बल्कि उम्मीद और भरोसे का नाम बन चुके हैं।

Supaul Dastak News
0
0

Leave a Comment