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जाति आधारित जनगणना पर आरएसएस के इस रुख़ के मायने क्या हैं?

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोमवार को जाति आधारित जनगणना को समर्थन देने के संकेत दिए हैं.

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि यह संवदेनशील मामला है और इसका इस्तेमाल राजनीतिक या चुनावी उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल पिछड़ रहे समुदाय और जातियों के कल्याण के लिए होना चाहिए.

उन्होंने ये भी कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उप वर्गीकरण की दिशा में बिना किसी सर्वसम्मति के कोई क़दम नहीं उठाया जाना चाहिए.

वर्गीकरण के मुद्दे पर दलित और आदिवासी समूहों की ओर से तीखे विरोध के चलते बीजेपी और अन्य राजनीतिक पार्टियां इस पर कोई साफ़ स्टैंड लेने से बचती रही हैं.

आरएसएस का बयान ऐसे समय में आया है, जब विपक्षी इंडिया गठबंधन ने जाति आधारित जनगणना को अपना प्रमुख मुद्दा बना लिया है.

Supaul Dastak News
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