
बीपीएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना पर बैठे छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ मधेपुरा में एनएसयूआई ने आक्रोश मार्च निकालकर बीपीएससी के चेयरमैन, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का आक्रोश मार्च ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय परिसर से सरकार और बीपीएससी चेयरमैन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भूपेंद्र चौक पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और बीपीएससी के चेयरमैन का पुतला दहन किया और सड़क पर खड़े होकर नारे लगाए। आक्रोश मार्च का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज सरकार के आवारा और तानाशाही के चरम सीमा को प्रदर्शित कर रहा है।
बीपीएससी परीक्षा में धांधली के खिलाफ परीक्षा को रद्द करने और पुनः साफ-सुथरे तरीके से परीक्षा करवाने के मांग को लेकर अभ्यर्थी एक सप्ताह से अधिक समय से शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। जहां सरकार को छात्रों के समस्याओं को सुनना चाहिए, उनके पीड़ाओं को सुनना चाहिए वहां सरकार पुलिसिया लाठी के दम पर खदेड़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिहार की डबल इंजन सरकार छात्र विरोधी है, शिक्षा और रोजगार विरोधी है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। बिहार में परीक्षा में धांधली सामान्य सी बात हो गई है। राज्य में छात्रों और युवाओं पर दमनकारी नीति अपनाकर उनके आवाज को कुचलने में सरकार को कोई संकोच नहीं रहा है। जिलाध्यक्ष निशांत यादव ने यह लड़ाई केवल बीपीएससी अभ्यर्थियों का नहीं है, यह राज्य के सभी छात्र और युवाओं की लड़ाई बन गई है। एनएसयूआई इसे मजबूती से लड़ेगी। आक्रोश मार्च में मुख्य रूप से एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, जिला सचिव सोनू कुमार, प्रखंड संयोजक रणधीर कुमार, टीपी कॉलेज अध्यक्ष विभाष कुमार विमल, सचिव संतन कुमार, कुंदन आजाद, नीतीश कुमार यादव, संजीत कुमार, अंशु पासवान, उमेश कुमार, मनीष कुमार, लाल बहादुर, सोनू कुमार, फूलचंद्र कुमार, रवि राज, अमलेश कुमार, रंजीत कुमार, राजा कुमार, निरंजन कुमार समेत दर्जनों एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद थे।





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